स्वतंत्रता दिवस पर जन शिक्षण संस्थान एवं ट्राइबल स्किलिंग सेंटर दुमका में हुआ ध्वजारोहण

जन शिक्षण संस्थान और ट्राइबल स्किलिंग सेंटर दुमका में स्वतंत्रता दिवस समारोह

दुमका दर्पण, 15 अगस्त 2026। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जन शिक्षण संस्थान (JSS) एवं ट्राइबल स्किलिंग सेंटर (TSC), दुमका में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। संस्थान परिसर में निदेशक श्री मोती उपाध्याय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाया और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

समारोह में जन शिक्षण संस्थान एवं ट्राइबल स्किलिंग सेंटर के कर्मियों, प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सभी ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा अपने कार्य और जिम्मेदारियों के माध्यम से राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।

आजादी का वास्तविक अर्थ जिम्मेदारी निभाना: मोती उपाध्याय

स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक श्री मोती उपाध्याय ने कहा कि आजादी केवल एक दिन ध्वजारोहण करने और राष्ट्रगान गाने तक सीमित नहीं है। आजादी का वास्तविक अर्थ तब है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाए और अपने परिवार, समाज तथा देश को बेहतर बनाने का प्रयास करे।

उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथ में देश का भविष्य है। कौशल प्रशिक्षण युवाओं को केवल रोजगार का अवसर ही नहीं देता, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी दिखाता है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने का आह्वान किया।

निदेशक ने कहा कि प्रशिक्षणार्थी अपने हुनर का उपयोग स्वयं आगे बढ़ने के साथ-साथ दूसरों के लिए भी रोजगार और अवसर पैदा करने में कर सकते हैं।

दुमका में जन शिक्षण संस्थान एवं ट्राइबल स्किलिंग सेंटर का स्वतंत्रता दिवस समारोह

छोटे प्रयासों से मजबूत होता है देश

श्री मोती उपाध्याय ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए हर व्यक्ति को किसी बड़े बदलाव का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। एक व्यक्ति अपने काम को ईमानदारी से करे, एक युवा अपने हुनर को मजबूत करे, एक शिक्षक पूरी जिम्मेदारी से सिखाए और एक नागरिक अपने आसपास की समस्याओं को दूर करने में योगदान दे, तो ऐसे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर देश को मजबूत बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हमारे रोजमर्रा के व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए। अपने काम के प्रति ईमानदार रहना, दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना, जरूरतमंद की मदद करना और आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर समाज बनाने का प्रयास करना ही आजादी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भरता पर जोर

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निदेशक ने कौशल प्रशिक्षण की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को व्यावहारिक कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।

जन शिक्षण संस्थान एवं ट्राइबल स्किलिंग सेंटर, दुमका में संचालित विभिन्न कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को अपने हुनर को विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का बेहतर उपयोग करने और आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की।

ट्राइबल स्किलिंग सेंटर दुमका में स्वतंत्रता दिवस समारोह

स्वतंत्रता दिवस की दी शुभकामनाएं

समारोह के अंत में निदेशक श्री मोती उपाध्याय ने जन शिक्षण संस्थान एवं ट्राइबल स्किलिंग सेंटर के सभी कर्मियों, प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी से अपने कार्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

स्रोत: जन शिक्षण संस्थान विकास भारती, दुमका द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर यह समाचार तैयार किया गया है।

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