दुमका दर्पण | दुमका। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में संथाल परगना महाविद्यालय (एस. पी. कॉलेज), दुमका के हिंदी विभाग की ओर से विद्यार्थियों के बीच निबंध लेखन एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी के महत्व, उसके व्यापक प्रयोग और बदलते डिजिटल एवं वैश्विक परिवेश में हिंदी की भूमिका को लेकर विद्यार्थियों ने अपने विचार और रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। भाषण प्रतियोगिता के लिए “वैश्विक स्तर पर हिंदी का महत्व” विषय रखा गया था, जबकि निबंध लेखन प्रतियोगिता का विषय “डिजिटल युग में हिंदी का महत्व” था। दोनों विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के वर्तमान स्वरूप और बदलते समय में उसकी उपयोगिता पर अपने विचार रखने का अवसर मिला।
भाषण प्रतियोगिता में अजय कुमार मंडल रहे प्रथम
भाषण प्रतियोगिता में हिंदी विभाग के विद्यार्थी अजय कुमार मंडल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वाणिज्य विभाग की मुक्ति खातून ने द्वितीय तथा हिंदी विभाग के विभीषण मांझी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने वैश्विक स्तर पर हिंदी की उपस्थिति, भाषा के बढ़ते प्रयोग और वर्तमान समय में हिंदी की उपयोगिता से जुड़े विचार प्रस्तुत किए।
निबंध लेखन में निशु कुमारी ने हासिल किया पहला स्थान
निबंध लेखन प्रतियोगिता में हिंदी विभाग की निशु कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी विभाग की सुमन कुमारी द्वितीय तथा शिलवंती हांसदा तृतीय स्थान पर रहीं।
“डिजिटल युग में हिंदी का महत्व” विषय पर विद्यार्थियों ने तकनीक और डिजिटल माध्यमों के दौर में हिंदी के बदलते स्वरूप तथा इसके उपयोग की संभावनाओं पर अपने विचार लिखे।
प्राचार्य ने हिंदी के अध्ययन और प्रयोग के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. खिरोधर प्रसाद यादव ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने राजभाषा हिंदी के महत्व, वर्तमान संदर्भ तथा बदलते वैश्विक और डिजिटल परिवेश में हिंदी की भूमिका पर अपने विचार रखे।
उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के अध्ययन, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ भाषा के प्रयोग के माध्यम भी बदल रहे हैं और विद्यार्थियों को हिंदी की संभावनाओं को समझते हुए इसके प्रति रुचि बनाए रखनी चाहिए।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. कमल शिवकांत हरी, डॉ. उपेंद्र कुमार, प्रो. मनीषा कच्छप, डॉ. मिताली बिश्वास एवं डॉ. सुजीत आर्या की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका हिंदी विभाग की प्रो. पुष्पा सोरेन एवं डॉ. अजीत कुमार सिंह ने निभाई। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. यदुवंश यादव ने किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. यदुवंश यादव ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने और हिंदी भाषा के प्रति अपनी समझ को सामने रखने का अवसर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति जागरूकता, अभिव्यक्ति कौशल तथा हिंदी के राष्ट्रीय और वैश्विक महत्व को समझने की दिशा में सकारात्मक वातावरण बना।
स्रोत: संथाल परगना महाविद्यालय, दुमका के हिंदी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति।

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