दुमका दर्पण ब्यूरो, दुमका (मसलिया): ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में दुमका जिले के मसलिया प्रखंड में शनिवार को एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई. प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान स्थानीय विधायक श्री बसंत सोरेन ने 'Dumka Palash Toto Yojana' का विधिवत लोकार्पण किया.
इस खास अवसर पर सखी मंडल की 21 उत्साही महिलाओं को टोटो (ई-रिक्शा) की चाबी सौंपी गई, जिससे उनके जीवन में स्वरोजगार और आर्थिक आजादी की एक नई सुबह की शुरुआत हुई है.
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक श्री बसंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है. उन्होंने जोर देकर कहा, "जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी हमारा परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे।"
उन्होंने आगे कहा कि 'दुमका पलाश टोटो' जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार देने के साथ-साथ उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास भी पैदा करेंगी.
जेएसएलपीएस (JSLPS) की योजनाओं से आ रहा है सकारात्मक बदलावकार्यक्रम में उपस्थित उप विकास आयुक्त (DDC) अनिकेत सचान ने बताया कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा संचालित आजीविका आधारित योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने में बेहद सकारात्मक भूमिका निभा रही हैं.
उन्होंने लाभुक महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए अपील की कि वे टोटो का सफल संचालन करें और इसे अपनी आय का एक स्थायी स्रोत बनाएं.
"दुमका दर्पण" के पाठकों को बता दें कि इस योजना के तहत सखी मंडलों के माध्यम से महिलाओं को सामुदायिक निवेश निधि (Community Investment Fund) से बेहद आसान किश्तों पर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के टोटो खरीद सकें और अपनी नियमित आय शुरू कर सकें.
इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता का भी वितरण किया गया:
- सामुदायिक निवेश निधि के अंतर्गत ₹2,16,77,000 (दो करोड़ सोलह लाख सतहत्तर हजार रुपये) की राशि दी गई.
- कैश क्रेडिट लिंकेज के तहत ₹2,01,00000 (दो करोड़ एक लाख रुपये) की वित्तीय सहायता प्रदान की गई.
इस समारोह में जिला एवं प्रखंड प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, जेएसएलपीएस के जिला व प्रखंड स्तरीय कर्मियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित संकुल संगठनों की दीदियों और भारी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया. सभी ने प्रशासन और सरकार की इस अनूठी पहल की सराहना की।
दुमका दर्पण का नजरिया: 'दुमका पलाश टोटो' केवल एक परिवहन या ई-रिक्शा वितरण योजना नहीं है, बल्कि यह दुमका की ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक समृद्धि की एक नई पहचान है. इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय परिवहन व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी और समावेशी विकास को एक नई गति मिलेगी.

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